Gyan ka sagar

Saturday, 5 May 2018

Voter Card कैसे बनाए, voter Card online apply कैसे करे ?

Voter Card कैसे बनाए, voter Card online apply कैसे करे ?
 by Virat Singh 

Voter card के बारे में हम सभी जानते है की वोटर कार्ड(identity card ) की इंडिया में क्या importance है। वोटर कार्ड का काम केवल वोट डालना की नही बल्कि वोटर कार्ड इंडिया में रहने वाले हर इंसान का पहचान (identification) है। वोट डालना तो हमारे खुद की ज़िम्मेदारी और हमरा हक़ है हम जिसे चाहे स्वतंत्रापूर्व वोट दाल सकते है। लेकिन इसके अलावा और भी कई काम होते ही जिसमे हमसे वोटर कार्ड माँगा जाता है। इस पोस्ट में हम बताएँगे की वोटर कार्ड हेतु ऑनलाइन आवेदन कैसे करते है।.

आप के मन में सवाल उठ रहा होगा की ऑनलाइन आवेदन /online apply करने के लिए कोई शुल्क या कोई payment ली जाएगी। में ये बात क्लियर कर दू की online voter card apply करने के लिए आपसे कोई भी शुल्क नहीं लिया जायेगा ये बिलकुल मुफ्त सर्विस है।

वोटर कार्ड(पहचान पत्र)  Election Commission of India द्वारा जारी की जाती है। ये Government  I
Identification Proof है।  जो की छोटे से छोटे और बड़े से बड़े काम में हमें खुद की Identity Proof में काम आती है। Voter Card उन्ही पर लागु/applicable है। जिनकी आयु 18 वर्ष/साल हो गया है या अधिक है। आप यदि 18 वर्ष के नही हुए है तो कोई बात नही। आप अपने family members , Friends के भी खुद online apply कर सकते है।इससे आपको भी सिखने को मिलेगी। निचे में आपको full details में समझाऊंगा Voter Card कैसे बनाए, online apply कैसे करे।
Voter Card(पहचान) पत्र  कैसे बनवाएं ?
Voter card / पहचान पत्र को हम 2 तरीकों से बनवा सकते है 
1
Online apply/आवेदन करके । website से। 
2
voter card registration office या epic center जाकर। 
यदि आप voter card registration office / epic center जाकर वोटर कार्ड के लिए apply करते है तो आपके office से from मिल जायेगा कोई शुल्क नही लगता है। लेकिन लाइन में में जरूर लगना पड़ेगा। इसलिए मेरा मानना है आप खुद ही घर बैठे apply करें। और वोटर कार्ड में होने वाले mistake से बचे। 

Voter Card online apply कैसे करे full Guide ?
Online Voter card Apply करने के लिए आपको http://www.nvsp.in/ पर जाना होगा। इनके वेबसाइट पर आने के बाद आपको Apply online for registration of new voter पर जाना होगा। जैसा की दिखाया गया है।


आपके दिमाग में एक सवाल उठ रहा होगा की वोटर कार्ड बनवाने की वेबसाइट http://ceodelhi.nic.in/ ये है। हां ये वेबसाइट official website है। लेकिन भारत निर्वाचन आयोग(The Election Commission of India) ने www.nvsp.in को भी ऑनलाइन सेवा प्रदान करनी के अनुमति प्रदान की हुई है। इस वेबसाइट से आवेदन करने में किसी प्रकार की परेशानी नही आएगी और में इसी वेबसाइट www.nvsp.in का ही समझा रहा हूँ। 

 तो चलिए आगे बढ़ते है। वहां पर क्लिक करने के बाद आपके सामने Form no-6 खुल जायेगा। देखिये फोटो में नंबर के हिसाब से समझा रखा है। और निचे details भी दे रखा है अब सभी को ध्यान से पढ़े और फॉर्म को सही से भरे।

1
राज्य/State को चुने। 
2
विधान सभा/संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र/Assembly/Parliamentary Constituency को चुने। 
3
नाम/Name को सही से भरे spelling ठीक से डाले 
4
लिंग/Gender को चुने 
5
जन्म तिथि/Date of Birth यदि आप जानते है तो डाले , नही तो ऊपर का option का चयन करके आप की उम्र कितनी हुई उसे  डाले। 
6
राज्य चुनें/Select State को चुने। 
7
जिला चुनें/Select District चुने। 
8
पिता/माता/ पति का नाम/Father's/Mother's/ Husband's Name spelling को देखते हुए भरे। 
9
क्या संबंध/Relation है उसे चुने। 
10
पूरा पता डाले।  यहाँ आप बिलकुल भी परेशान न हो आपका जो पूरा पता(Address) है उसे उसके स्थान में भरे। और जहाँ पर लाल (*) indication दे रहा है उसे आपको भरना अनिवार्य है। उसे खाली नहीं छोड़ें। Mobile no को जरूरडाले ताकि आपको massage से आपकी वोटर कार्ड की status का पता चल सके।  
11
आपके माता /पिता /पति में से किसी का भी voter कार्ड बन चूका है, उन्हें details को डाले , part no, serial no .  इनको निकलने के लिए Check your voter card details  ← 
12
अपना फोटो/Your Photograph  photo की size 100 kb के निचे ही रखे। और फोटो पासपोर्ट साइज ही डाले। scan copy 
13
पहचान प्रमाण/Identity Proof इसमें आप अपना आधार कार्ड अपलोड करें या कोई government द्वारा approved किया हुआ identity upload करें। जैसे - government institution /स्कूल की id कार्ड, 10th certificate, pen कार्ड, licence, वगेरह -वगेरह। scan copy 100 kb के निचे रखे। 
14
पता प्रमाण/Address Proof इसमें आप बिजली का बिल , राशन कार्ड , टेलीफोन बिल , किसी भी प्रकार की address prof आप दाल सकते है। scan copy 100 kb के निचे रखे। 
15
घोषणा/IV. Declaration को ठीक से पढ़े।  और इसमें पूछा जा रहा है आप अपने पते पर कितने वर्षो तक रह रहे है। यदि आप नही जानते तो आपने अपने परिवार के सदय से पूछताछ कर ले। 
16
जगह/Place इसमें आप अपने स्थान/जगह का नाम दाल दें। 
17
दिनांक/Date इसमें आप जब इस फ्रॉम को भर रहे है वो date दाल दे। 
18
Submit - बस आब आपका फॉर्म पूरी तरह से भर गया है। एक बार चेक करले की कोई mistake तो नही है। यदि सब ठीक है तो SUBMIT कर कर दें। 
फॉर्म submit करदेने के बाद आपको एक Reference No मिल जायेगा। उस पेज को प्रिंट करवा ले या कही सेव कर लें। वोटर कार्ड के verification के लिए हो सकता है उनके अफसर आपको फ़ोन करके बुला ले या आपके घर पर verification करने के लिए आ जाये। इसमें लगभग 15 से 20 दिन लग जाएं। ये सरकारी काम है टाइम तो लग ही जाता है वो तो आपको अच्छे से पता ही होगा। Check Application Status 
verification हो जाने के बाद आपका वोटर कार्ड ओर 10 दिन के बाद हो सकता है by post घर पर आ जाये या फिर आपको उनके office में जाकर लेके आना होगा। सरकारी काम में थोड़ा टाइम तो लगता ही है। तो इंतज़ार करें। mobile में massage भी आ जायेगा आपके Status का।
By Virat Singh
                                                           

Chipset क्या है? इंम्पोर्टेन्ट फैक्ट्स Chipset के बारे में

Chipset क्या है? इंम्पोर्टेन्ट फैक्ट्स Chipset के बारे में
Chipset Information Hindi.
By Virat Singh 
जब किसी नए कंप्‍यूटर के बारें में बात होती है, तब आपने शायद “चिपसेट” शब्द को सुना होगा, लेकिन चिपसेट का सही अर्थ क्‍या है? और इसका असर आपके कंप्‍यूटर के परफॉर्मेंस पर कैसे पड़ता है?
हम सब जानते है प्रोसेसर क्‍या है और यह कैसे काम करता है? और यह भी जानते है कि कंप्यूटर में BIOS क्या है?और यह कैसे काम करता है?लेकिन आज भी कई यूजर्स को चिपसेट के बारें में ज्‍यादा पता नहीं है।
उम्मीद है, आज हम Chipset के बारें में कुछ अधिक जानकारी पर प्रकाश डाल सकेंगे।
What is Chipset in Hindi:
Chipset क्या है:
Chipset Motherboard पर स्थित चिप्‍स के सेट को दिया गया नाम है।
कंप्यूटर सिस्टिम में, इंटीग्रेटेड सर्किट में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस के सेट को चिपसेट कहा जाता है। यह प्रोसेसर, मेमोरी और अन्‍य एक्‍सटर्नल डिवाइसेस के बीच डाटा फ्लो को मैनेज करता है।
चिपसेट को आमतौर पर माइक्रोप्रोसेसरों की एक विशिष्ट फैमेली के साथ काम करने के लिए तैयार किया जाता हैं। क्योंकि यह प्रोसेसर और एक्‍सटर्नल डिवाइसेस के बीच कम्युनिकेशन्स को कंट्रोल करता है। चिपसेट, सिस्‍टम परफॉरमेंस को निर्धारित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पीसी के मदरबोर्ड पर प्रायमरी कंपोनेंट्स में चिपसेट, सीपीयू, मेमोरी, क्‍लॉक, बसेस और बायोस होते है।
“संक्षेप में चिपसेट, मदरबोर्ड के कम्युनिकेशन्स सेंटर और ट्रैफिक कंट्रोलर की तरह कार्य करता है। यह मदरबोर्ड के साथ सीपीयू, रैम, हार्ड ड्राइव, और ग्राफिक्स कार्ड सहित कौनसे कंपोनेंट्स कम्पेटिबल है यह निर्धारित करता है। इसके साथ ही यह सिस्‍टम में भविष्य के एक्सपेंशन के ऑप्‍शन का निर्धारण भी करता है।”
मदरबोर्ड पर लाखों ट्रांजिस्टर होते है, लेकिन फिर भी सीपीयू को अपने टास्‍क्‍ को बेहतर परफॉर्म करने के लिए किसी और की आवश्यकता होती है, इससे पहले कि वह हर विशिष्ट इनपुट, आउटपुट, और कंट्रोल सिग्‍नल जो कंप्‍यूटर कि मेमोरी, इनपूट और आउटपूट डिवाइसेस के साथ एक्सचेंज को हैंडल करें।
हर एक मदरबोर्ड को इंटीग्रेटेड सर्किट चिप्‍स का एक चिपसेट होता है, जो इंस्ट्रक्शन और डेटा को अपेक्षीत कंपोनेंट में इन सभी सामान्य सीपीयू सिग्‍नल्‍स को कन्वर्ट करता है।
चिपसेट एक गेटकीपर की तरह होता है, जो यह निर्णय लेता है, कि डेटा के प्रत्येक ब्लॉक के साथ क्‍या किया जाए। इसके साथ ही इनपुट और आउटपुट को सही दिशा और में सही स्‍पीड में प्राथमिकता के आधार पर निर्देश करता है।
सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक है कि, कम्पेटिबल मदरबोर्ड के लिए कौनसे सीपीयू के साथ कौनसे चिपसेट का टाइप यूज किया गया है। हालांकि, कई मदरबोर्ड मैनुफैक्चरर्स एक ही टाइप के सीपीयू के लिए कई मॉडल के विभिन्‍न्‍ चिपसेट ऑफर करते है।
इंटेल ही एकमात्र कंपनी है, जो अपने स्वयं के चिपसेट को मैनुफैक्चर करती है। अधिकांश मदरबोर्ड मैनुफैक्चरर्स उनके खुद के चिपसेट नहीं बनाते और वे अन्‍य पार्टीयोंसे चिपसेट खरीदर अपने मदरबोर्ड पर लगाते है। इसलिए कई बार आपको कंप्‍यूटर के अलग अलग ब्रांड और मॉडल में एक ही चिपसेट दिखाई देते है। इनमें से लोकप्रिय चिपसेट मैनुफैक्चरर्स है NVIDIA और VIA है।
चिपसेट मदरबोर्ड का इंटीग्रेटेड पार्ट होता है, इसलिए इसे रिमूव या अपडेट नहीं किया जा सकता।
Chipset History in Hindi:
Chipset कि हिस्ट्री:
कंप्यूटर के शुरुआती दिनों में, पीसी मदरबोर्ड पर बहुत सारे विभिन्न सर्किट शामिल थे। यह आम तौर पर हर सिस्टम कॉम्पोनेन्ट को कंट्रोल करने के लिए एक अलग चिप या चिप्स की आवश्यकता होती थी, जैसे माउस, कीबोर्ड, ग्राफिक्स, और साउंड आदि। आप कल्पना कर सकते हैं, यह सभी विभिन्न बिखरे हुए चिप्स को मैनेज करना कितना कठिन होता होगा।
इस समस्या का समाधान करने के लिए, कंप्यूटर इंजीनियर को एक बेहतर सिस्‍टम को डेवलप करने की जरूरत थी, और तब इन असमान चिप्स को कुछ ही चिप्‍स में इंटेग्रेट करना शुरू किया गया।
पर्सनल कंप्यूटर में, 1984 में IBM PC AT के लिए पहली NEAT चिपसेट को चिप्स और टेक्नोलॉजी द्वारा Intel 80286 CPU के लिए डेवलप किया गया।
1986 में, चिप्स और टेक्नोलॉजी ने एक क्रांतिकारी कॉम्पोनेन्ट बनाया, जिसे 82C206 का नाम दिया गया और यह वह पहला मदरबोर्ड चिपसेट है। यह एक ही चिप थी, जिसमें मदरबोर्ड के चिप्‍स के सभी फंक्‍शन को इंटिग्रेट किया गया।
1980 और 1990 के दशक के होम कंप्यूटर, गेम कंसोल और आर्केड गेम हार्डवेयर में, चिप को कस्‍टम ऑडियो और ग्राफिक्‍स चिप के लिए इस्‍तेमाल किया गया था।
तब से, कई चिपसेट मैन्युफैक्चरर्स आए और चले गए, और इसके बाद चिपसेट इंडस्ट्री में Intel, AMD, VIA Technologies, SiS, और ALi ही प्रमुख मदरबोर्ड चिपसेट मैन्युफैक्चरर्स बन गए।
Northbridge और Southbridge In Chipset:
चिपसेट शब्द, अक्सर मदरबोर्ड पर चिप्स का एक विशिष्ट जोड़ी को दर्शाता है- Northbridge और Southbridge
कॉमन PC Chipset:
चिपसेट दो प्रमुख माइक्रोचिप्स के होते हैं। ये Northbridge और Southbridge। Northbridge/Southbridge चिपसेट आर्किटेक्चर को व्यापक रूप से इंटेल और एएमडी दोनों इस्तेमाल किया जाता है। Northbridge के पार्ट हाई-स्‍पीड चैनल्‍स को हैंडल करते है, जबकि Southbridge लो-स्‍पीड डिवाइसेस को मैनेज करता है।
Northbridge Chipset in Hindi:
Northbridge फ्रंट साइड यूएसबी (FSB) मे माध्‍यम से प्रोसेसर को सीधे कनेक्‍ट होता है। Northbridge में एक मेमोरी कंट्रोलर होता है, जो सीपीयू को मेमोरी का फस्‍ट एक्‍सेस देता है। इसके साथ ही AGP या PCI Express bus को और मेमोरी को भी Northbridge कनेक्‍ट होता है।
Southbridge। Northbridge/Southbridge in Hindi:
Southbridge , Northbridge की तुलना में स्‍लो होता है, और सीपीयू से इनफॉर्मेशन Southbridge तक पहुँचने से पहले Northbridge के माध्यम से जाती है। अन्य बसेस Southbridge को PCI bus, USB ports और IDE or SATA हार्ड डिस्‍क कनेक्‍शन से कनेक्‍ट करते है।
How Chipset, Carry Information From Place To Place:
चिपसेट का फंक्‍शन सिस्‍टम के सभी डेटा को मैनेज करना होता है। सभी डेटा जो कॉम्पोनेन्ट के लिए आवश्‍यक होता है या प्राप्‍त होता है, उसे ट्रांसपोर्ट करने की आवश्‍यकता होती है। उन्‍हे एक माध्‍यस से ट्रांसपोर्ट किया जाता है, जिसे बस कहा जाता है। बस डेटा को चिपसेट के माध्‍यम से कैरी करते है।
बस एक सर्किट है जो कि मदरबोर्ड के एक भाग से दूसरे को कनेक्‍ट करते है। जितना अधिक डेटा एक बस एक समय में हैंडल कर पाएंगे, उतना फास्‍ट डेटा ट्रैवल होगा। बस कि स्‍पीड Megahertz (MHz) में मापा जाता है।
Chipset Drivers:
माइक्रोसॉफ्ट विंडोज या अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम को इंस्‍टॉल करने के बाद, सभी कॉम्पोनेन्ट को ठीक से काम करने के लिए अपने मदरबोर्ड के चिपसेट ड्राइवरों को इंस्‍टॉल करने कि आवश्यक होती है।
यह ड्राइवर्स आपके मदरबोर्ड कि ड्राइवर सीडी में होते है या फिर आपको उन्‍हे मदरबोर्ड या कंप्‍यूटर मैन्युफैक्चरर कि साइट से डाउनलोड किया जा सकता है।
Chipset Information Hindi.
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By = Virat Singh